Aloe Vera In Hindi (एलो वेरा का परिचय ) Posted by Unknown July 30, 2017 Get link Facebook X Pinterest Email Other Apps Aloe Vera In Hindi (एलो वेरा का परिचय ) www.foreverhealthplan.com एलो वेरा दुनिया का शायद एकमात्र ऐसा औषधीय Plant (पौधा) है जिसके बारे में सबसे ज्यादा बात की गयी है लेकिन सबसे कम समझा गया है. 3500 सालों से भी ज्यादा healing aloe vera की कहानियां सदियों से एक पीढ़ी से दूसरी पीढ़ी तक सुनाई जा रही हैं. एलो वेरा की मेडिसिनल प्रॉपर्टीज के सबूतों के साथ history के हर हिस्से में इसे रहसयमय रूप से से पायेंगें. एलो वेरा के उपयोग का सबसे पहला सबूत मिस्र से मिला है. References In History:- · घायल सैनिकों के इलाज के लिए Great Alexender ( सिकंदर महान ) का सोकोत्रा टापू पर कब्ज़ा करना. · विश्व प्रसिद्ध मार्को पोलो द्वारा अपने लेखों में अनेक आश्चर्यों में से एक एलो वेरा का उल्लेख. · स्पैनिश कन्कविस्तादोर्स द्वारा तेनोच्त्तिलोंन (अब मक्सिको ) में अनेक हर्बल मेडिसिन में एलो वेरा का पाया जाना . · सोलवीं शताब्दी में पुरातन जड़ी बूटी वाली दवाइयां योरोप भेजी जाती थी जो आज आधुनिक दवाइयों का आधार बनी. कुछ महतवपूर्ण point :- · एलो वेरा उत्तरी अफ्रीका की मूल प्रजाति है. · एलो वेरा एक तना है, जो बहुत ही छोटे या नाटे तने वाला 30-36 इंच तक बढ़ने वाला plant है जो शाखाओं और अंकुरित जड़ों द्वारा फैलता है. · यह विश्वभर में गर्म और सूखे इलाकों में पाया जाने वाला पौधा है, जो कैक्टस के पौधे जैसा नज़र आता है लेकिन ये कैक्टस की प्रजाति का नहीं है. बल्कि लिली प्रजाति का पौधा है, नमी की बर्बादी को रोकने के लिए अपने तने के छेदों को बंद करके ये पौधा तब भी नाम रहता है जब दूसरे पौधे सूख जाते हैं या मुरझा जाते हैं. · एलो वेरा की 300 से 400 ता प्रजातियाँ पाई जाती हैं. इनमे से अधिकांश में बहुत मामूली से मेडिसिनल फायदे पाए जाते है और कुछ तो ज़हरीली भी होती हैं. · एलो वेरा की 300 से 400 प्रजाति में से सबसे अच्छी प्रजाति एलो बार्बादेनसिस मिलर ही world best aloe vera कहलाता है. जिसमे लगभग 275 पोषक तत्व पाए जाते हैं, जो मनुष्यों के लिए सबसे ज्यादा फायदेमंद होते हैं. · पूरी तरह उगे हुए पौधे की लम्बाई 30-36 इंच तक होती है, और पूरी तरह से पका हुआ पौधे के पत्ती 2.5 – 3 इंच चौड़ी होती है और इसका वज़न 1.5 से 2 किलो तक का होता है. · एलो वेरा की संरचना चार परतों में होती है:- o छाल :- सबसे बाहरी सुरक्षात्मक परत. o रस :- कडवी तरल की परत जो पौधे की पशुओं से रक्षा करने में मदद करती है. o श्लेष्मक जेल :- एलो वेरा का अंदरूनी हिस्सा, जिसकी कतलियाँ बना कर एलो वेरा gel बनाया जाता है. o एलो वेरा (अंदरूनी gel ) में वो आवश्यक 8 एमिनो एसिड होते हैं, जिनकी ज़रुरत इन्सान को होती हैं लेकिन शरीर उसे बना नहीं सकता है. Comments
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